
CHAPTER - 1 (Aryansh Jindal Ki Gharwali)
दिल्ली , रात का वक्त ।
कमरे में एक पुरानी वॉल क्लॉक की टिक-टिक गूंज रही थी । अंधेरे और सीलन भरे उस कमरे में सिर्फ धीमी रोशनी वाला येलो बल्ब जल रहा था ।
आर्यांश जिंदल , इंडिया का सबसे eligible bachelor , करोड़ों की कंपनी का अकेला मालिक , उस वक़्त एक पुरानी लकड़ी की कुर्सी से बंधा हुआ था । गले के पास की शर्ट की बटन टूटी हुई थी , माथे पर चोट का निशान और होंठ के कोने से खून की एक पतली सी लकीर बह रही थी ।
उसने अपने जबड़े भींचते हुए गुस्से में कहा , "Damn it , ये सब कौन कर सकता है मेरे साथ ?"
तभी उसकी नज़र सामने खड़ी उस लड़की पर गई… वो अभी भी गन पकड़े हुए थी , एक हाथ कमर पर और चेहरा… बेहद calm , लेकिन आंखों में पागलपन ।
वो एक और कदम आर्यांश के पास आई और हल्की सी मुस्कान के साथ बोली , "Don’t shout , Arya… it doesn’t suit your pretty face."
आर्यांश ने गुस्से में गर्दन मोड़ी ओर कहा , "कौन हो तुम ? हिम्मत कैसे हुई आर्यांश जिंदल को किडनैप करने की ?" कहते हुए उसकी आवाज़ बेहद डार्क थी ।
तभी उसकी बात का जवाब देते हुए , वो लड़की उसके दोनों कंधों पर अपने हाथ रखते हुए , आर्यांश के चेहरे के क़रीब अपना चेहरा ले जाते हुए , उसकी light bluish grey आंखों में आंखें डाल कर उसका नाम बोली , "आर्या !" कहते हुए वो बिना पलकें झपकाए , उसकी आंखों में देख रही थी ।
आर्यांश , उसके चेहरे को देखता हुआ , धीरे से बोला , "Who the hell are you ?" कहते हुए वो इससे आगे कुछ बोल पाता , इससे पहले ही वो लड़की , जिसने अपने चेहरे पर मास्क पहन रखा था , वो उसी वक्त हटा दिया ।
अब वो हल्की-सी येलो लाइट में उसका चेहरा साफ-साफ नज़र आ रहा था । वो बहुत ज़्यादा खूबसूरत तो नहीं थी , मगर उसे सिर्फ़ खूबसूरत कहना भी ग़लत नहीं होगा । क्योंकि उसकी वो Hazel light brown आँखें , और होठों पर डार्क लिपस्टिक लगाएँ , चेहरे पर बिना मेकअप के , उसके खुले हुए बालों की वो लटें , बार-बार उसकी आँखों पर आ रही थी ।
वो उसे काफ़ी ज़्यादा अट्रैक्टिव और ख़तरनाक लुक दे रही थी । एक पल के लिए तो जैसे आर्यांश बिना पलकें झपकाए , उसकी आँखों को देखता ही रह गया ।
तभी उस लड़की ने आर्यांश की light bluish grey आँखों में देखते हुए बहुत धीमी आवाज़ में कहा , "मैं इतनी खूबसूरत हूँ क्या ?" कहते हुए उसने अपनी आई ब्लिंक कर दी , और झुकते हुए उसके पैरों की रस्सियाँ खोल दी ।
तो आर्यांश अपने सेंस में आता हुआ , ग़ुस्से से उसकी तरफ़ देखता हुआ बोला , "क्रिमिनल हो तुम , खून किया है तुमने मेरे भाई का ।" कहते हुए उसका चेहरा सख़्त हो गया था ।
मगर उसकी बात को इग्नोर करते हुए , उस लड़की ने आर्यांश के पैरों की रस्सी खोलने के बाद , उसके हाथों में बंधी हुई रस्सी भी खोल दी । वो इतनी टाइटली बाँधी गई थी कि आर्यांश के हाथों पर गहरी लाल निशान पड़ चुके थे ।
वो उसके उन हाथों को देखते हुए कुछ बोलने ही वाली थी कि , इससे पहले ही आर्यांश ने अपने हाथ उसके हाथों से खींच लिए , और साइड में पड़ी हुई गन उठाकर , उस लड़की को अपनी तरफ़ घूमते हुए उसी पर पॉइंट करके बोला , "बहुत गेम खेल लिया तुमने और बहुत ढूंढ लिया मैंने तुम्हें ।"
बोलते हुए उसने उस लड़की की कमर में हाथ डालते हुए , उसे अपने और क़रीब करते हुए कहा , "सही कहा ना मैंने , नैना बंसल ?" कहते हुए उसने गन से ही नैना की आँखों पर आने वाली लट को उसके कान के पीछे लगा दिया ।
तो नैना वैसे ही उसकी तरफ़ देखते हुए , तिरछी मुस्कान के साथ बोली , "हाँ , हूँ मैं एक क्रिमिनल । किया है मैंने तुम्हारे भाई का खून । लेकिन तुम क्या करोगे ?" कहते हुए उसने आर्यांश की चेस्ट पर अपने दोनों हाथ से धक्का देते हुए , उसकी पकड़ से छूटने की कोशिश की ।
मगर वो दो क़दम पीछे तो चली गई , लेकिन आर्यांश ने उसका हाथ पकड़ कर वापस उसे अपने पास खींच लिया । वो जानती थी ये आर्यांश जिंदल था । जिस चीज़ पर उसकी नज़र जाती थी । वो उसकी हो जाती थी । मगर नैना , वो तो कोई चीज़ नहीं थी ।
वो वैसे ही उसकी तरफ़ देखते हुए बोली , "तुमने यही कहा था ना , तुम मुझे देखना चाहते हो ? मैं आ गई तुम्हारे सामने ! क्या करोगे अब ?" बोलते हुए उसने उसके माथे की चोट को हल्के से छू लिया ।
मगर आर्यांश ने उसकी इस हरकत पर कोई रिएक्शन नहीं दिया और सिर्फ़ एक शब्द बोला , "शादी ।"
उसके इतना बोलते ही नैना हैरानी से बोली , "What ?" कहते हुए उसने अपने हाथों की मुठ्ठियाँ भींच ली ।
तो आर्यांश smirk करते हुए बोला , "तुम्हें क्या लगा , तुम आर्यांश जिंदल को अपने काबू में कर सकती हो ? उसे किडनैप कर सकती हो ? क्या ये सब कुछ तुम्हारे लिए इतना आसान है ? Tch… tch… tch… tch…"
कहते हुए उसने उसे छोड़ दिया और खिड़की की तरफ़ जाते हुए , उस पर लगा हुआ कर्टन , जो काफ़ी मैला हो चुका था और जगह-जगह से फट भी चुका था । वहाँ लाते हुए उसे कमरे के बीचों-बीच रख दिया और उस कुर्सी को लात मार कर कहीं दूर फेंक दिया ।
वहीं नैना , आर्यांश की इन सारी हरकतों को देख रही थी और उसके चेहरे पर सवालिया एक्सप्रेशंस थे । वो गहरी साँस लेते हुए , उसकी तरफ़ देख रही थी । तभी आर्यांश ने अपनी पॉकेट से लाइटर निकालते हुए , उसे जलाकर सीधा कर्टन में फेंक दिया ।
वो कर्टन ऑलरेडी पतला हो चुका था और बहुत पुराना भी , जिस वजह से वो कर्टन जलने लगा । इसी के साथ , आर्यांश ने नैना का हाथ पकड़ा और उसे खींचते हुए फेरे लेने लगा ।
ये देख नैना , ग़ुस्से से अपना हाथ छुड़वाते हुए बोली , "क्या कर रहे हो तुम ? पागल हो चुके हो क्या ?" कहते हुए वो चुप हो गई , क्योंकि आर्यांश ने उसका हाथ और ज़्यादा कसकर , मजबूती से पकड़ लिया था । जिस वजह से उसकी कलाई में दर्द उठ रहा था । मगर वो इस दर्द को अभी ज़ाहिर नहीं करना चाहती थी ।
कुछ ही देर में फेरे कंप्लीट हो गए । फेरों के कंप्लीट होते ही , नैना ने आर्यांश की पकड़ से अपना हाथ एक झटके से छुड़वाया और बोली , "इस तरह जले हुए कर्टन के इर्द-गिर्द राउंड लगाने से शादी नहीं होती ।"
वो इतना ही बोली थी कि आर्यांश अपने जैकेट में से एलीगेंट मेटल की चेन निकालकर , नैना के गले में पहनाते हुए बोला , "ये रहा तुम्हारा मंगलसूत्र और…"
वो इतना ही बोला था कि नैना ने उसका हाथ कसकर पकड़ लिया । तो आर्यांश ने तुरंत अपना हाथ खींचते हुए कहा , "Don't touch me ," कहते हुए उसने अपने उसी हाथ को देखा , जो नैना ने कुछ ही सेकंड पहले पकड़ा हुआ था ।
उसने मजबूती से आर्यांश का हाथ पकड़ा हुआ था । जिस वजह से जैसे ही उसने अपना हाथ पीछे की तरफ़ खींचा , नैना के नाखून ने उसकी कलाई पर स्क्रैच बनाते हुए निशान छोड़ दिए और आर्यांश की कलाई से हल्का-हल्का खून निकलने लगा ।
ये देखकर आर्यांश इविल स्माइल के साथ बोला , "तुमने तो मेरा काम और आसान कर दिया ।" कहते हुए , उसने इस मुस्कुराहट के साथ नैना को देखा । तो वो उसकी तरफ़ ही सवालिया नज़रों से देख रही थी । उसी वक़्त , आर्यांश ने अपनी कलाई से अंगूठा लगाकर , नैना की माँग भरते हुए ज़ोर-ज़ोर से हँसने लगा । मगर उसकी हँसी नॉर्मल थी ।
उसकी इस हरकत को देखकर , नैना को एहसास हो गया कि आख़िर आर्यांश क्यों कह रहा था कि उसने उसका काम आसान कर दिया है । उसने एक नज़र खुद को ऊपर से नीचे तक देखा । वो जैसी भी कंडीशन में थी , मगर वो अब आर्यांश जिंदल की बीवी बन चुकी थी ।
उसको हँसते हुए देखकर , नैना उसके क़रीब जाते हुए कुछ बोलती , इससे पहले ही आर्यांश बोला , "अब बन गई ना तुम मेरी घरवाली... By the way , it's a nice name - 'घरवाली' आर्यांश जिंदल की घरवाली !"
कहते हुए उसके चेहरे के एक्सप्रेशन्स एकदम से डार्क हो गए । और वो अपनी बात आगे कंटिन्यू करते हुए , वैसे ही नैना की तरफ़ देखते हुए बोला , "घरवाली , तुम एक क्रिमिनल हो... और खूनी को सज़ा मिलती है । और तुम्हारी पहली सज़ा तुम्हें मिल चुकी है - मेरी घरवाली ।" कहते हुए , उसने एक झटके से नैना को अपनी गोद में उठा लिया और उसे कमरे से बाहर ले जाने लगा ।
जारी है !!!
CHAPTER - 2 (Kiss Karne Ka Iraada / Suhaagdin)
जिंदल विला , सुबह का वक्त ।
आर्यांश , नैना को लेकर सुबह तक उसके विला पहुंच चुका था । इस बीच , नैना ने कुछ भी नहीं कहा था । वो चुपचाप सी , उसके साथ बैठी हुई , उसके विला आ चुकी थी ।
वो दोनों जैसे ही विला के अंदर एंटर हुए , सामने सोफे पर आर्यन जिंदल (आर्यांश के पापा) और नीरव जिंदल (आर्यांश के चाचू) बैठे हुए आपस में बात कर रहे थे ।
वहीं , दूसरी तरफ कबीर (नीरव जिंदल का बड़ा बेटा) और साहिल (नीरव जिंदल का छोटा बेटा) दोनों वहीं पर बैठे हुए थे ।
उन चारों को वहां देखकर , आर्यांश वहां पर आकर अपनी तेज आवाज में बोला , "अटेंशन एवरीवन… अटेंशन !" कहते हुए , वो नैना को अपने साथ खींचते हुए सबके बीच वहां लेकर आ गया ।
आर्यांश के ऐसे तेज आवाज में बोलने पर , सब ने मुड़कर उसकी तरफ देखा , तो एक साथ सब खड़े हो गए और उसकी तरफ देखने लगे ।
सब के ऐसे देखने पर , आर्यांश बस हल्का सा smirk करते हुए सब की तरफ देख रहा था ।
तभी , आर्यन जिंदल उसके पास आते हुए बोले , "पूरी रात तुम कहां थे और ये लड़की… ये लड़की कौन है ?" कहते हुए , उन्होंने गुस्से से नैना की तरफ देखा , तो आर्यांश नैना के आगे आते हुए , एकदम सख्त आवाज में बोला , "बीवी है मेरी डैड , और आपकी बहू…" कहते हुए , उसने मुड़कर नैना की तरफ देखा और कहा , "अपने ससुर जी का आशीर्वाद नहीं लोगी , बहुरानी ?" कहते हुए , उसने अपनी आई विंक कर दी और साइड में हो गया ।
रूही , जैसे ही उनका आशीर्वाद लेने के लिए झुकती , इससे पहले ही आर्यन जिंदल ने अपने कदम पीछे ले लिए । उनके ऐसा करने पर , वो रही की तरफ देखता हुआ बोला , "तुम्हें तो आशीर्वाद नहीं मिला , घरवाली ! लेकिन कोई बात नहीं , मैं तुम्हारे साथ हूं । तुम्हें आशीर्वाद की क्या जरूरत ?" कहते हुए , उसने नैना के पीछे जाकर , उसके दोनों कंधों पर हाथ रखते हुए , सीधा उसे नीरव जिंदल के पास ले गया ।
वहां जाकर , वो बोला , "ये है मेरे चाचू , क्या तुम इनसे भी आशीर्वाद नहीं लोगी ?" कहते हुए , जैसे वो उसे इनडायरेक्टली झुकने के लिए कह रहा था , मगर इस बार नैना आशीर्वाद लेने के लिए नहीं झुकी । तो आर्यांश ने उसके कंधे पर हल्का सा प्रेस किया ।
मगर , इससे नैना को दर्द हुआ , जिस वजह से वो अपने आप झुक गई , मगर नीरव जिंदल वैसे ही खड़े रहे । उन्होंने भी कुछ नहीं कहा और आर्यन जिंदल के पास आकर खड़े हो गए ।
आर्यन जिंदल , आर्यांश की तरफ देखते हुए बोले , "तुझे पता भी है , तू क्या कर रहा है , आर्यांश ?" कहते हुए , वो उससे सवाल कर रहे थे ।
उनका सवाल सुनकर , आर्यांश नैना के कंधे से अपना हाथ हटाते हुए , उनके पास जाकर धीरे से बोला , "आई नो डैड कि मैं क्या कर रहा हूं ?" कहते हुए , उसने आर्यन जिंदल के सामने अपनी आई ब्लिंक कर दी और वापस नैना के पास आ गया ।
नैना चुपचाप सी , अभी भी वैसे ही खड़ी थी । वहीं , कबीर और साहिल कभी आर्यांश को देख रहे थे , तो कभी नैना को ।
वहीं , आर्यन जिंदल जो अपनी जगह पर खड़े थे , नैना की तरफ गुस्से से देखते हुए वहां से चले गए । वहीं , नीरव जिंदल का भी कुछ ऐसा ही हाल था । वो भी आर्यन जिंदल के पीछे-पीछे वहां से चले गए ।
उनके जाते ही , आर्यांश नैना के पास आता हुआ बोला , "तुम्हारा किसी ने स्वागत नहीं किया तो तुम सेड हो गई , घरवाली… tch tch tch…" कहते हुए , उसने सख्त लहजे से साहिल और कबीर की तरफ देखा तो एक पल के लिए , आर्यांश की ऐसी नजरों को देखकर , वो दोनों डर गए और साहिल घबराते हुए कुछ बोलता , इससे पहले ही आर्यांश हंसने लगा ।
उसके ऐसे हंसने पर , उन दोनों के चेहरे के एक्सप्रेशन नॉर्मल हो गए और वो दोनों भी हंसने लगे ।
आर्यांश , नैना के करीब आता हुआ बोला , "क्या तुम अपने दोनों देवर से नहीं मिलना चाहोगी , घरवाली ? उफ्फ , मेरी घरवाली !" कहते हुए , उसने नैना का हाथ पकड़ लिया ।
तभी , कबीर और साहिल एक साथ बोले , "हेलो भाभी ।" उन दोनों के हेलो बोलने पर , नैना ने अपनी नज़रें एकदम से ऊपर उठाई ।
उसकी हेजल लाइट ब्राउन आइज़ से जैसे ही कबीर और साहिल की आंखें मिली , वो दोनों के चेहरे पर घबराहट नजर आने लगी और वो उन दोनों को वैसे ही घूरते हुए , सिर्फ दो शब्द बोली , "नॉट इंटरेस्टेड ।" बोलते हुए , वो वहां से जाने को हुई , तो उसे महसूस हुआ कि आर्यांश ने उसका हाथ पकड़ा हुआ है , तो वो वहीं खड़ी रह गई ।
तभी , साहिल आर्यांश के पास आते हुए बोला , "भाई , क्या लड़की…"
वो इतना ही बोला था कि उसकी बात को बीच में काटते हुए , आर्यांश ने उसके कंधे पर हाथ रखकर , अपनी सख्त आवाज में उसकी तरफ देखते हुए कहा , "लड़की नहीं , भाभी…" कहते हुए , उसने साहिल के कंधे पर हल्का सा मुक्का मारा और कबीर के सामने हल्का सा तिरछा मुस्कुराते हुए , नैना के पास आ गया और सीधे ब्राइडल स्टाइल में अपनी गोद में उठा लिया ।
ये देखकर साहिल और कबीर दोनों पीछे से हूटिंग करने लगे । मगर आर्यांश ने उन दोनों पर कोई भी ध्यान नहीं दिया और सीढ़ियां चढ़ते हुए सीधा अपने मास्टर बेडरूम की तरफ जाने लगा ।
तभी , नैना उसकी तरफ देखते हुए बोली , "नीचे उतारो मुझे । मैं कोई खिलौना नहीं हूं , जिसे जब चाहे उठा लिया ।" बोलते हुए , उसकी पकड़ आर्यांश के जैकेट पर कसती जा रही थी ।
वही , उसकी ये बात सुनकर , आर्यांश वैसे ही बिना उसकी तरफ देखे , कमरे की तरफ जाते हुए बोला , "तुम कोई खिलौना नहीं , घरवाली हो मेरी , घरवाली…" कहते हुए , उसने आखिरी के दो शब्द , "मेरी घरवाली" पर ज्यादा जोर दिया था ।
उसकी बात सुनकर , नैना ने कुछ नहीं कहा । वो जानती थी , आर्यांश से कुछ भी कहना , मतलब भैंस के आगे बीन बजाने जैसा था ।
तब तक , आर्यांश नैना को लेकर कमरे तक पहुंच चुका था । उसने लात मार कर कमरे का दरवाजा खोला और फिर कमरे के अंदर इंटर हो गया ।
उसने वैसे ही दरवाजे को पीछे की और लात मारते हुए , कमरे का दरवाजा बंद कर दिया और सीधे बाथरूम की तरफ वैसे ही नैना को अपनी बाहों में लिए जाने लगा । तो नैना कसमसाते हुए बोली , "ये तुम मुझे कहां लेकर जा रहे हो ?" कहते हुए , वो उसकी पकड़ से छूटने की कोशिश कर रही थी , मगर वो किसी और की नहीं , बल्कि आर्यांश जिंदल की पकड़ में थी । वो ऐसे कैसे छूट जाती ।
उसके ज्यादा जोर देने पर , आर्यांश ने अपनी पकड़ मजबूत कर दी , जिस वजह से उसकी उंगलियां नैना की कमर को प्रेस कर रही थीं ।
वो वैसे ही smirk करते हुए बोला , "सिर्फ साथ में शावर ले रहे हैं और कुछ नहीं । वैसे भी , लोगों की शादी दिन में होती है , तो वो सुहागरात मनाते हैं । अब हमारी रात में हुई है , तो हम सुहाग दिन तो नहीं मना सकते…" कहते हुए , उसने नैना को वॉशरूम में ले जाकर , बिल्कुल शॉवर के नीचे खड़ा कर दिया ।
मगर उसने अभी भी शॉवर ऑन नहीं किया था । नैना वहां से जाती , इससे पहले ही आर्यांश ने अपने दोनों हाथ दीवार पर लगा दिए और नैना के इर्द-गिर्द अपने हाथों का घेरा बना लिया ।
उसकी इस हरकत पर , नैना ने गुस्से से उसकी जैकेट का कॉलर पकड़ लिया और कुछ बोलती , इससे पहले ही आर्यांश बोला , "बार-बार कॉलर पकड़ लेती हो… किस करने का इरादा है क्या ? अगर तुम कहो , तो तुम्हारे लिए हम आर्यांश जिंदल का नया-नया लॉन्च किया हुआ सुहाग दिन भी मना सकते हैं ।"
ये कहते हुए , वो उसके चेहरे पर झुकने लगा , तो नर्वसनेस की वजह से , नैना की सांस गहरी होने लगी ।
आर्यांश , नैना के चेहरे के करीब अपना चेहरा ले जाते हुए , झुक रहा था । वही , नैना की धड़कनें अचानक से तेज रफ्तार के साथ बढ़ गई थीं , साथ ही उसकी बॉडी में गूज़बंप्स आ रहे थे । यहां तक कि , वो सही से सांस भी नहीं ले पा रही थी ।
आर्यांश और उसके होठों के बीच करीब 2 इंच का भी फासला नहीं था । तभी , नैना ने अपनी आंखें बंद कर लीं और अपनी बढ़ती हुई हार्टबीट को कंट्रोल करते हुए , अपनी सांसें नार्मल करने की कोशिश कर रही थी ।
जारी है !!!
CHAPTER - 3 (Sath Me Shower Lete Hai)
दिल्ली , जिंदल विला ।
नैना , अपनी आँखें बंद किए हुए अभी भी वैसे ही खड़ी थी । कुछ वक़्त ऐसे ही गुजर गया , मगर उसे कुछ भी महसूस नहीं हुआ , तो उसने तुरंत अपनी आँखें खोली । आँखें खोलते ही उसकी नज़रें सामने , उसे दो क़दम दूर खड़े आर्यांश पर जाकर टिक गईं ।
वो उसे वैसे ही देखती रही , अपना चेहरा फेरती इससे पहले ही आर्यांश उसके पास आ गया और उसके चेहरे को अपनी उंगलियों से पकड़ता हुआ बोला , "बुरा लगा क्या ? मैंने तो तुम्हारे अरमानों पर पानी फेर दिया... घरवाली..."
कहते हुए वो अपनी आइ ब्लिंक करते हुए वापस अपनी बात को कंटिन्यू करते हुए बोला , "आ जाओ , साथ में शॉवर लेते हैं..." कहते हुए वो अपना हाथ आगे बढ़ाता , इससे पहले ही नैना अपने दाँत पीसते हुए बोली , "तुम्हारी चीप और घटिया हरकतें मुझ पर नहीं चलेंगी , आर्यांश जिंदल !"
कहते हुए उसने उसे धक्का दे दिया , जिस वजह से वो तीन-चार क़दम पीछे चला गया । तो नैना ने उसके मुँह पर बाथरूम का दरवाज़ा बंद कर दिया और शावर को ऑन करते हुए भीगने लगी ।
इधर नीचे हॉल में सब लोग बैठे हुए थे । तभी आर्यन जिंदल , नीरव जिंदल की तरफ देखते हुए गुस्से से बोले , "एक तो पता नहीं इस लड़के के दिमाग में चलता क्या रहता है ! और बिना अनाउंस किए मीडिया को बिना बताए सीधी शादी भी कर ली ! अब हम सबको क्या जवाब देंगे , लेकिन आखिर वो लड़की है कौन ?" कहते हुए उनका चेहरा काफ़ी गुस्से में लग रहा था ।
उनकी बात का जवाब देते हुए नीरव जिंदल वैसे ही बोले , "पता नहीं , भाई साहब... मगर अभी तो हमें ये सोचना है कि आज शाम को जो पार्टी होने वाली है , उसका क्या किया जाए । कैंसिल भी तो नहीं कर सकते ।"
वो इतना ही बोले थे कि आर्यांश की आवाज़ उनके कानों में पड़ी , "पार्टी कैंसिल नहीं होगी , चाचू ।"
इस आवाज़ को सुनते ही नीरव जिंदल और आर्यन जिंदल ने अपनी नज़रें ऊपर की तरफ कीं , तो देखा कि आर्यांश रेलिंग पर अपने हाथ रखे वहीं खड़ा था ।
वो अपनी बात वैसे ही आगे कंटिन्यू करता हुआ बोला , "और रही बात मेरी घरवाली की , तो वो कौन है , कहां से आई है , क्या करती है , क्या नहीं करती है... ये सब जानने की आप में से किसी को कोई ज़रूरत नहीं है । घरवाली किसकी है ? मेरी ना ! तो मैं देख लूंगा वो क्या करती है , कौन है और कहां से आई है !" बोलते हुए वो सीधा अपने कमरे के अंदर चला गया ।
उसकी बात सुनकर आर्यन जिंदल , जो पहले से ही गुस्से में थे , उनका ग़ुस्सा और ज़्यादा बढ़ गया ।
कुछ देर बाद नैना जैसे ही बाथरूम से बाहर आई , उसने बाथरोब पहना हुआ था और गीले बालों में टॉवल लपेटा हुआ था । तभी वहीं सोफे पर बैठा हुआ आर्यांश , जो उसे अपनी light bluish grey eyes से घूर रहा था , खड़ा होते हुए उसकी तरफ अपने कदम बढ़ाकर बोला ,
"एक अच्छी और संस्कारी बीवी की तरह , तुम्हारा पति जो साड़ी तुम्हें पसंद करके दे , वो पहन लेना... ठीक है घरवाली ।"
कहते हुए उसने एक लड़की की तरफ इशारा कर दिया , जो शायद से डिज़ाइनर थी और उसके साइड में क्लॉथ रैक था , जिस पर एक्सपेंसिव साड़ियां हैंगर पर लटकी हुई थीं ।
उसे देखकर नैना अपनी एक आइब्रो ऊँचकाते हुए बोली , "और ये सब किस लिए ?" कहते हुए उसने आर्यांश की तरफ देखा ।
उसके सवाल को सुनकर आर्यांश धीरे से उसके चेहरे की तरफ झुका और अपनी बेहद धीमी आवाज़ में बोला , "पहली बात तो तुम्हारे पास तुम्हारे कोई कपड़े नहीं हैं , और दूसरी बात... आज घर में पार्टी है । तो तुम्हारा पति तुम्हें बोल रहा है । तुम्हें जो चाहिए , ले लो ।" कहते हुए वो उससे दूर हट गया ।
वहीं उन दोनों की बातें सुन रही फीमेल डिज़ाइनर , जो कुछ नहीं समझ पा रही थी कि आखिर उन दोनों के बीच चल क्या रहा है , उसके चेहरे के एक्सप्रेशंस बदलते जा रहे थे ।
तभी नैना , आर्यांश के पास आते हुए बोली , "मुझे ये पूरी दुनिया चाहिए... तो क्या मेरे क़दमों में लाकर रख दोगे ?" कहते हुए उसने अपनी शार्प नज़रों से उसे घूरा था ।
उसके ऐसे घूरने पर आर्यांश बिंदास होकर बोला , "चिल , घरवाली ! चिल... तुम्हारा पति कोई ATM नहीं है और ना ही भगवान है , जो तुम्हारे क़दमों में दुनिया लाकर रख दे... या फिर खरीद कर दे दे । लेकिन..." कहते हुए वो चुप हो गया ।
तो नैना उस अधूरे लहजे पर बोली , "लेकिन क्या ?"
उसके ऐसे सवाल करने पर आर्यांश अपनी अधूरी बात को कंप्लीट करते हुए बोला , "लेकिन ये कि... तुम्हें क्रिमिनल हो और तैयार हो जाओ , तुम्हारे क्राइम की सज़ा भुगतने के लिए ।"
कहते हुए वो हैंगर से एक ब्लैक कलर की साड़ी निकालते हुए नैना के हाथ में थमा कर बोला , "अगले दो घंटे के बाद पार्टी शुरू हो जाएगी । जाकर रेडी हो जाओ ।" कहकर उसने डिज़ाइनर की तरफ देखा और उसे वहां से जाने का इशारा किया । तो वो बिना कुछ कहे वहां से चली गई ।
मगर उसके जाते ही आर्यांश के चेहरे के एक्सप्रेशंस चेंज हो गए । वो मुस्कुरा रहा था... मगर उसकी मुस्कान में कुछ तो था , जिसे देखकर लग रहा था कि वो कुछ करने वाला है ।
करीब दो घंटे बाद , नैना जैसे ही क्लोजेट से बाहर आई , वो सीधे ड्रेसिंग टेबल के सामने जाकर खड़ी हो गई और अपनी आंखों में काजल लगाने लगी ।
तभी आर्यांश की आवाज़ उसके कानों में पड़ी , "माय ब्यूटीफुल घरवाली..."
इस आवाज़ को सुनते ही उसने पीछे मुड़कर देखा , तो एक पल के लिए तो वो वहीं रुक गई ।
आर्यांश... ब्लैक कलर का थ्री पीस सूट पहने हुए , बालों को अच्छे से सेट किए हुए , हाथों में रिस्ट वॉच और चमचमाते हुए लेदर शूज़ पहने , बेहद हैंडसम लग रहा था । ऊपर से शर्ट की कॉलर वाले दो बटन खुले हुए थे , जिस वजह से उसकी चेस्ट हल्की-हल्की शो हो रही थी ।
आर्यांश को ऊपर से नीचे तक देखते हुए , नैना की सांस जैसे उसके गले में ही अटक गई । तभी आर्यांश उसके पास कदम बढ़ाता हुआ , उसके चेहरे के सामने चुटकी बजाते हुए बोला , "कहां खो गई ?"
कहते हुए वो उसकी तरफ हल्का सा मुस्कुराया और बिना कुछ कहे , अचानक से हाथ डालकर उसे अपनी तरफ खींच लिया । अभी तक नैना ने अपने बाल सेट नहीं किए थे , जिस वजह से उसकी ज़ुल्फें बार-बार उसकी आंखों के आगे आ रही थीं ।
ये देखकर आर्यांश ने उसकी आंखों से वो बाल हटाते हुए कहा , "ये अपनी ज़ुल्फों को काबू करना सीख लो... इतना फ्री टाइम नहीं है कि मैं बार-बार तुम्हारी आंखों से इन्हें हटाता रहूं ।"
कहते हुए , आर्यांश ने नैना की कमर पर अपनी पकड़ और भी मज़बूत कर दी । उसकी पकड़ इतनी टाइट थी कि नैना के मुंह से हल्की सी दर्दभरी सिसकी निकल गई ।
मगर अगले ही पल , उसने अपने चेहरे के एक्सप्रेशंस चेंज करते हुए कहा , "मेरे बालों को सँवारने के लिए मुझे किसी की ज़रूरत नहीं... और किसी मर्द की तो बिल्कुल भी नहीं ।"
कहते हुए उसने खुद अपने हाथों से बालों को सही किया और फिर उसी अन्दाज़ में आर्यांश की तरफ देखते हुए बोली , "बार-बार इस तरह मेरी तारीफ़ में…"
मगर वो अपनी बात पूरी कर भी नहीं पाई थी कि आर्यांश का हाथ धीरे-धीरे उसकी कमर से होते हुए उसके पेट तक चला गया । ये हरकत वो बेहद सेंशुअल तरीके से कर रहा था , जिससे नैना की बॉडी में गूसेबंप्स आने लगे ।
तभी नैना चिल्लाते हुए बोली , "Don't touch me !" उसकी इतना कहते ही आर्यांश ने तुरंत उसे छोड़ दिया ।
नैना दो-चार कदम पीछे हटते हुए लड़खड़ा गई और फिर खुद को संभालते हुए आईने के सामने जाकर तैयार होने लगी । तभी उसकी नज़र मेटल की उस एलिगेंट चैन पर पड़ी , जिसे आर्यांश ने उसे पहनाया था ।
वो उसे निकालने के लिए जैसे ही अपना हाथ बढ़ाती है , तभी आर्यांश की आवाज़ कमरे में गूंजी , "No way , घरवाली ! तुम अपने पतिदेव के पहनाए हुए मंगलसूत्र को कैसे निकाल सकती हो ?"
वो बस इतना ही कह पाया था कि तभी अचानक दरवाजा बिना नॉक किए , एक लड़की सीधा कमरे के अंदर चली आई । वो तेज़ी से आर्यांश के पास गई और उससे लिपट गई ।
एक पल के लिए तो आर्यांश को भी समझ नहीं आया कि ये लड़की है कौन , मगर जैसे ही वो लड़की उससे अलग हुई , आर्यांश मुस्कुरा दिया ।
उस लड़की ने फिर उसके गले में अपनी बांहें डालते हुए कहा , "Hello , आर्यांश... कैसे हो ? इंडिया आने के बाद तो तुम मुझे भूल ही गए ।"
वो बस इतना ही बोल पाई थी कि , उसकी बात का आर्यांश कुछ जवाब देता ! इससे पहले ही नैना ने कहा , "कौन हो तुम ? और तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई इस तरह इस कमरे में आने की ?"
जारी है !!!
एवरीवन , अगर आपको नॉवेल की अपडेट ओर स्पॉयलर चाहिए तो आप मेरी व्हाट्सएप चैनल और इंस्टाग्राम आईडी को फॉलो कर सकते हैं ।







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