09

8. Galatfahmi Aur Ego

राजस्थान , जयपुर , रायचंद मेंशन ।

डाइनिंग हॉल में सन्नाटा पसर गया था । विवान से फोन पर बात करने के बाद रूह ने जब फोन रखा , तो उसकी पलकें अभी भी भीगी हुई थीं । प्रीति जी और तनुज जी तो रूह की बातों से खुश थे , लेकिन तमिश के अंदर एक अजीब सी बेचैनी दौड़ रही थी । उसे रूह का यह 'सफेद झूठ' बर्दाश्त नहीं हो रहा था ।

Write a comment ...

Kaviyatri (Khamoshi)

Show your support

Support Mee Buddies 🎀☺️

Write a comment ...

Kaviyatri (Khamoshi)

It's My Own Content So Don't Copy My Story.... © By Kaviyatri (khamoshi)

Fictional World